What is CRT Full Form | Meaning of सीआरटी क्या है

Hello Friends! Today we are publishing this article about What is full form of CRT & Meaning of CRT in Hindi? (CRT तकनीक क्या है?)

CRT Full Form | CRT Means in Hindi

What is the CRT full form? / सीआरटी की फुल-फॉर्म क्या है?

CRT full form in Hindi  – कैथोड रे ट्यूब. (Cathode Ray Tube abbriviation – CRT)

CRT Meaning in Hindi / सीआरटी का मतलब :

Cathode Ray Tube / कैथोड रे ट्यूब technology को समझने के लिए पहले ये समझना होगा की आखिर कैथोड रे ट्यूब है क्या? वास्तव में कैथोड किरण ट्यूब एक विशेष प्रकार की वैक्यूम ट्यूब है, जिसमें इलेक्ट्रॉन बीम को अफोस्फोरसेंट (धीमी रौशनी ना देने वाली) सतह पर चोट करके छवियाँ उत्पन्न की जाती है. ज्यादातर desktop computer monitor/screen CRT का ही प्रयोग करते हैं. कंप्यूटर स्क्रीन में CRT उसी तरह है जैस TV में ‘पिक्चर ट्यूब’. Also learn – What is computer full form & meaning in Hindi?

दोस्तों आप meaning of CRT in Hindi & CRT full form ki knowledge ले चुके है. अब आगे आपको इसके components के बारे में बताएँगे.

Components of Cathode Ray Tube (Full Form of CRT):

एक कैथोड रे ट्यूब में कईं सारे बुनियादी घटक होते हैं जैसे: इलेक्ट्रौन गन, एनोड, डीफ्लेक्टिंग कॉयल आदि. जहाँ इलेक्ट्रौन गन इलेक्ट्रौंस की एक सुव्यवस्थित बीम उत्पन्न करते हैं, वहीँ ऐनोड्स इलेक्ट्रौंस की गती को बढाते हैं. कैथोड रे ट्यूब में डीप्लेक्टिंग कॉयल बहुत ही धीमी आवृति का विद्युत-चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न करते हैं. ये विद्युत-चुम्बकीय क्षेत्र, इलेक्ट्रौन बीम की दिशा देने का कार्य करते हैं. Also Learn LED ka full form in Hindi.

Technology of CRT TV / कैथोड रे ट्यूब की तकनीकी

कैथोड रे ट्यूब टीवी अब बिलकुल भी प्रचलन में नहीं है. अब उसकी जगह बहुत सी बेहतरीन तकनीकों से युक्त टीवी बाज़ार में बहुत कम कीमत पर उपलब्ध हैं. पुराने तरह के CRT TV दरअसल, बाहर से आते हुए सिगनल पकड़ता है, और फिर उसे audio और video – दो भागों में विभाजित कर देता है.

जो ऑडियो वाला भाग है वो ऑडियो सर्किट में चला जाता है. ये ऑडियो सर्किट TV स्टूडियो में भरी हुई आवाज़ को पुन: सुनाने के लिए ‘लाउडस्पीकर’ का प्रयोग करते हैं. जहाँ ऑडियो सिग्नल्स ऑडियो सर्किट में जाते हैं, वहीँ विडियो के सिग्नल्स एक अलग सर्किट में जाते है. इसके कारण एक लम्बे कैथोड-रे ट्यूब में इलेक्ट्रॉन्स की बीम सक्रिय हो जाती है. जैसे-जैसे ये इलेक्ट्रॉन्स की बीम ट्यूब में नीचे की तरफ जाती है, ट्यूब के इर्द-गिर्द मौजूद इलेक्ट्रो-मैग्नेट्स इसको एक तरफ से दूसरी तरफ ले जाते हैं जिससे की यह हर एक लाइन को स्क्रीन पर बहुत ही व्यवस्थित रूप से स्कैन कर पाती हैं. स्क्रीन पर ये किसी भी चित्र की पेंटिंग इस तरह करते हैं, जैसे की यह काम कोई अदृश्य इलेक्ट्रॉनिक पेंट ब्रश कर रहा हो. Generations of Computer in Hindi.

इलेक्ट्रौन बीम इतनी तेज़ी से काम करती है की आप उससे चित्र बनाते हुए नहीं देख सकते. सच बात तो यह है कि ये वास्तव में कोई ‘पेंट’ नहीं करते हैं, ये रंगबिरंगी लाइट के केवल चमकते बिंदु स्क्रीन के अलग अलग भाग पर फेंकते हैं. अब क्योंकि स्क्रीन पहले से ही फोसफोरस रसायन से युक्त होती है, इसलिए जब इलेक्ट्रौन बीम इस फोसफोरस स्क्रीन पर हिट करती है, तो वो स्क्रीन पे लाल, नीले और हरे रंग की लाइट के छोटे-छोटे बिंदु बना देती है. जब बार-बार इलेक्ट्रौन बीम को चालु और बंद किया जाता है तो विडियो सर्किट कुछ जगहों को काला (अँधेरा युक्त) छोड़ देता है और कुछ जगहों को प्रकाशित कर एक पूरा चित्र बना देता है.

How a CRT TV works / कैथोड रे ट्यूब टीवी आखिर काम कैसे करता है

Functions of CRT TV in Hindi:

आइये अच्छे से जानें की कैथोड रे ट्यूब टीवी आखिर काम कैसे करता है?

1. आप की छत पे लगा ऐन्टेना ट्रांसमिटर से उत्पन्न हुई रेडियो वेव्स (तरंगें) को पकड़ता है. आपके दीवार या छत पर लगी सॅटॅलाइट छतरी की मदद से ये सिग्नल आपके सॅटॅलाइट टीवी में आते हैं. अगर आप का केबल टीवी है, तो अंडरग्राउंड फाइबर-ऑप्टिक केबल की मदद से ये सिग्नल आपके केबल टीवी में आते हैं. LCD Full Form in Hindi.

2. आने वाले रेडियो सिग्नल आपके टीवी के पीछे लगे ऐन्टेना सॉकेट में एकत्रित होते हैं.

3. आने वाले सिग्नल अपने साथ एक से अधिक प्रोग्राम के ऑडियो और चित्रों के ले कर आते हैं. टीवी के अंदर मौजूद इलेक्ट्रॉनिक सर्किट केवल उस चैनल या स्टेशन को सेलेक्ट करता है जो की आप देखना चाहते हैं. और वह इस स्टेशन के सिग्नल को दो भागों में विभाजित कर देता है: ऑडियो (ध्वनी) और वीडिओ (चित्र) और फिर इनकी उचित प्रोग्रामिंग के लिए इन्हें अलग-अलग सर्किट में भेज देता है.

4. टीवी में मौजूद इलेक्ट्रौन गन, सर्किट विडियो वाले भाग को तीन तरह के सिग्नल में बाँट देता है – लाल, नीला और हरा, जिससे की तीन इलेक्ट्रौन गन चलने लगती हैं.

5. ये तीनों इलेक्ट्रौन बीम कैथोड रे ट्यूब में नीचे की और जाती हैं.

6. अब ये इलेक्ट्रौन बीम, इलेक्ट्रो-मैग्नेटिक रिंग से गुज़रती है. क्योंकि इलेक्ट्रॉन्स में नेगेटिव इलेक्ट्रिकल चार्ज होता है इसलिए इन्हें मैगनेट से आसानी से हिलाया जा सकता है. इलेक्ट्रो-मैग्नेटस इलेक्ट्रान बीम को इस तरह से हिलाते हैं की वह बीम, आगे-पीछे, आगे-पीछे होते हुए स्क्रीन पर एक लाइन से दूसरी लाइन पर पहुँचती है.

7. ये इलेक्ट्रौन बीम छेदों के बने हुए एक ग्रिड से गुज़रती है, जिसे ‘मास्क’ कहते हैं. यह मास्क इलेक्ट्रौन बीम को दिशा दिखाता है ताकि वह टीवी स्क्रीन की सटीक जगहों पर पहुँच सके. जहाँ-जहाँ ये बीम स्क्रीन के फॉस्फर (रंगीन रसायनों) पर हिट करती है, वहां या तो लाल, या नीला या हरे रंग का डॉट (बिंदु) बन जाते है. उसके अलावा हर जगह स्क्रीन काली (अँधेरे युक्त) बनी रहती है. ये लाल, हरे और नीले रंग की बिंदु ही बहुत जल्दी-जल्दी एक तस्वीर में रंग भर देते हैं.

8. इसी बीच, आते हुए सिग्नल की ऑडियो इनफार्मेशन एक अलग ऑडियो सर्किट में चली जाती है.

9. ये जो ऑडियो सर्किट है, ये ही लाउडस्पीकर से कुछ इस तरह से आवाज़ बाहर निकालता है कि उसकी टाइमिंग, स्क्रीन के चलचित्र से पूरी-पूरी मैच हो जाती है. CD Rom full form.

यह एक ऐसी तकनीक है जिसमें एक ऐसे यंत्र का इस्तेमाल किया जाता है जो की दिल की नलियों की सिकुडन को कुछ इलेक्ट्रिकल इम्पल्सिस भेज कर कम कर देता है. जिस के कारण दिल, पूरे शरीर में अच्छे से खून का संचार कर पाता है. Read more about CRT in Wikipedia.

कंप्यूटराइज्ड रेगुलेशन थर्मोग्राफी (Full Form of CRT in Medical) :
इस तकनीक में एक यंत्र को शरीर से जोड़ दिया जाता है, जो त्वचा की हीट एनर्जी को इलेक्ट्रॉनिक डाटा सिग्नल्स में बदल देता है और उसे एक कम्प्यूटर स्क्रीन पर डिस्प्ले करता है. इस तकनीक के प्रयोग से बहुत सी बीमारियों का पता लगा के उनका इलाज किया जा सकता है.

कुछ अन्य फुल-फॉर्म ये हैं:

  • क्राईटेरियन रेफरेन्सड टेस्ट
  • चाइनीज़ रीमेंडर थियोरम
  • कैपिलरी रिफिल टाइम
  • कम्युनिटी रेस्पोंस टाइम
  • कोलेबरोटिव रिलीज़ टाइम

Dear Readers/Friends! Aapko is post me Full Form of CRT Technology & CRT information in Hindi ki jankari kaisi lagi hame comment karke bataiye. Aasha karte hai yah jankari aapko pasand aayi hoigi.

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Originally posted 2018-07-23 22:54:11.

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